ITR Filing: चार द‍िन रह गए बाकी, डेडलाइन से चूके तो जेब से जाएंगे 5000 रुपये, आज ही निपटाएं यह काम 

ITR Filing: चार द‍िन रह गए बाकी, डेडलाइन से चूके तो जेब से जाएंगे 5000 रुपये, आज ही निपटाएं यह काम 

अगर आपने अभी तक अपना Income Tax Return (ITR) दाखिल नहीं किया है, तो अब और इंतजार करना सही नहीं होगा। 31 जुलाई 2026 की अंतिम तिथि बहुत करीब है। समय पर ITR फाइल नहीं करने पर आपको लेट फीस, ब्याज और अन्य जरूरी टैक्स लाभों का नुकसान उठाना पड़ सकता है। ऐसे में बेहतर होगा कि तय समय सीमा के भीतर अपना रिटर्न दाखिल कर दें।

31 जुलाई के बाद ITR भरने पर क्या होगा?

अगर किसी कारण से आप 31 जुलाई तक ITR फाइल नहीं कर पाते हैं, तब भी Belated ITR दाखिल करने का विकल्प रहेगा। हालांकि, इसके साथ कुछ अतिरिक्त नियम और खर्च जुड़े होंगे।

₹5,000 तक की लेट फीस देनी पड़ सकती है

Income Tax Act की Section 234F के अनुसार तय समय सीमा के बाद ITR दाखिल करने पर लेट फीस लगती है।

  • यदि आपकी कुल आय ₹5 लाख से अधिक है, तो ₹5,000 तक की लेट फीस देनी होगी।
  • यदि आपकी आय ₹5 लाख या उससे कम है, तो लेट फीस ₹1,000 होगी।
  • जिनकी आय Basic Exemption Limit से कम है, उन्हें लेट फीस नहीं देनी पड़ेगी।

बकाया टैक्स पर देना होगा ब्याज

यदि आपके ऊपर कोई टैक्स बकाया है और आप 31 जुलाई के बाद ITR फाइल करते हैं, तो Section 234A के तहत बकाया राशि पर हर महीने 1% की दर से ब्याज देना होगा। इसलिए समय पर रिटर्न दाखिल करना आर्थिक रूप से भी फायदेमंद रहेगा।

नुकसान (Loss) आगे ले जाने का लाभ नहीं मिलेगा

अगर आपको Share Market, Mutual Fund या Business में Capital Loss या Business Loss हुआ है, तो उसका लाभ भविष्य के वर्षों में लेने के लिए समय पर ITR दाखिल करना जरूरी है।

यदि 31 जुलाई की समय सीमा निकल जाती है, तो ऐसे नुकसान को आगे के वर्षों में Carry Forward करने की सुविधा नहीं मिलेगी।

टैक्स रिफंड मिलने में हो सकती है देरी

यदि आपकी आय से TDS कट चुका है और आपको टैक्स रिफंड मिलना है, तो देर से ITR फाइल करने पर रिफंड की प्रक्रिया भी धीमी हो सकती है। जितनी देर से रिटर्न दाखिल होगा, रिफंड मिलने में भी उतना अधिक समय लग सकता है।

किसे कब तक ITR फाइल करना है?

अलग-अलग श्रेणी के करदाताओं के लिए अंतिम तिथियां अलग हैं।

  • ITR-1 और ITR-2 (Salary और Capital Gains वाले करदाताओं) की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 है।
  • यदि Long Term Capital Gain (LTCG) ₹1.25 लाख तक है, तो ITR-1 दाखिल किया जा सकता है। इससे अधिक LTCG होने पर ITR-2 भरना होगा।
  • Non-Audit Business या Professional Income वाले ITR-3 और ITR-4 की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 है।
  • जिन करदाताओं के खातों का Audit आवश्यक है, उनके लिए ITR दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 निर्धारित है।

आखिरी दिन का इंतजार क्यों नहीं करना चाहिए?

अंतिम तारीख के दिन आयकर पोर्टल पर बड़ी संख्या में लोग एक साथ लॉगिन करते हैं। इससे वेबसाइट धीमी पड़ सकती है या तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं। इसके अलावा जल्दबाजी में गलत जानकारी भरने से रिटर्न में त्रुटि होने या उसे अस्वीकार किए जाने की संभावना भी बढ़ जाती है।

इसलिए सभी जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखें और बिना देरी किए अपना ITR समय पर दाखिल कर दें।

अगर आपने अभी तक ITR Filing 2026 पूरी नहीं की है, तो 31 जुलाई की अंतिम तिथि का इंतजार न करें। समय पर रिटर्न दाखिल करने से आप ₹5,000 तक की लेट फीस, ब्याज, टैक्स रिफंड में देरी और अन्य जरूरी टैक्स लाभों के नुकसान से बच सकते हैं। समय रहते ITR फाइल करना सबसे बेहतर विकल्प है।

 

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