मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना परिवार/आश्रित जोड़ने हेतु नियमावली
लखनऊ: मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत परिवार और आश्रितों को जोड़ने के लिए विस्तृत नियमावली जारी की गई है। योजना के अनुसार केवल निर्धारित पात्र परिवार के सदस्य और आश्रित ही इस सुविधा का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। इसके साथ ही आश्रितों के लिए आयु सीमा और अन्य पात्रता शर्तें भी स्पष्ट की गई हैं।
परिवार में किन सदस्यों को शामिल किया जाएगा?
योजना के अनुसार “परिवार” में निम्न सदस्य शामिल होंगे—
- सेवा में कार्यरत सदस्य का पति या पत्नी।
- माता-पिता।
- बच्चे।
- सौतेले बच्चे।
- अविवाहित, तलाकशुदा या परित्यक्त पुत्री।
- अविवाहित, तलाकशुदा या परित्यक्त बहन।
- अवयस्क भाई।
- सौतेली माता।
इन सभी को तभी आश्रित माना जाएगा जब वे संबंधित कर्मचारी पर पूर्णतः आश्रित हों तथा सामान्य रूप से उसी के साथ निवास कर रहे हों।
आश्रित माने जाने की शर्त
योजना के अनुसार ऐसे परिवार के सदस्य, जिनकी उपचार शुरू होने के समय सभी स्रोतों से कुल आय ₹3,500 प्रति माह (या ₹3,500 मूल पेंशन तथा उस पर देय महंगाई राहत सहित निर्धारित सीमा) से अधिक नहीं है, उन्हें पूर्णतः आश्रित माना जाएगा।
आश्रितों के लिए आयु सीमा
योजना में आश्रितों के लिए निम्न आयु सीमा निर्धारित की गई है—
- पुत्र – सेवायोजित होने, 25 वर्ष की आयु पूरी करने अथवा विवाह होने तक (जो भी पहले हो)।
- पुत्री – सेवायोजित होने या विवाह होने तक (जो भी पहले हो)।
- मानसिक या शारीरिक स्थायी दिव्यांग पुत्र – जीवनपर्यंत।
- तलाकशुदा, परित्यक्ता या विधवा आश्रित पुत्री – जीवनपर्यंत।
- अविवाहित, तलाकशुदा, परित्यक्ता या विधवा आश्रित बहन – जीवनपर्यंत।
- अवयस्क भाई – वयस्क होने तक।
योजना का उद्देश्य
मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का उद्देश्य शिक्षकों और उनके पात्र आश्रित परिवारजनों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। इसके लिए परिवार के सदस्यों को निर्धारित नियमों के अनुसार ही योजना में शामिल किया जाएगा, ताकि पात्र लाभार्थियों को समय पर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।