69000 शिक्षक भर्ती विवाद: जंतर-मंतर पर जुटे अभ्यर्थी, आरक्षण और एक अंक मामले में जल्द कार्रवाई की मांग

69000 शिक्षक भर्ती विवाद: जंतर-मंतर पर जुटे अभ्यर्थी, आरक्षण और एक अंक मामले में जल्द कार्रवाई की मांग

उत्तर प्रदेश की 69000 शिक्षक भर्ती से जुड़ा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। आरक्षण से जुड़े मुद्दे और एक अतिरिक्त अंक (वन मार्क) मामले को लेकर अभ्यर्थियों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारी सरकार से मांग कर रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों का जल्द निस्तारण कराया जाए और भर्ती प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाए।

सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले पर अभ्यर्थियों की नजर

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे धनंजय यादव का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को अभ्यर्थियों की मांगों पर जवाब देने और लिस्ट रीविजिट (List Revisit) की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए समय दिया था। उनका आरोप है कि निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी इस संबंध में कोई स्पष्ट प्रगति दिखाई नहीं दी है।

जानकारी के अनुसार, 19 मई को हुई सुनवाई में सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच द्वारा 13 अगस्त 2024 को दिए गए आदेश के अनुरूप सूची की दोबारा समीक्षा करने के लिए समय मांगा था। अभ्यर्थियों का कहना है कि अब तक इस दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो सकी है।

21 जुलाई की सुनवाई से बढ़ी उम्मीदें

अब सभी की निगाहें 21 जुलाई को प्रस्तावित सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हुई हैं। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि इस सुनवाई के दौरान मामले में कोई महत्वपूर्ण निर्णय या आगे की दिशा स्पष्ट हो सकती है।

एक अतिरिक्त अंक का मामला भी अब तक अधूरा

69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण विवाद के अलावा एक अतिरिक्त अंक (One Mark Case) का मुद्दा भी लंबे समय से चर्चा में है।

वर्ष 2019 की शिक्षक भर्ती परीक्षा में एक प्रश्न के सभी चार विकल्प गलत पाए गए थे। इसके बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 25 अगस्त 2021 को संबंधित अभ्यर्थियों को एक अतिरिक्त अंक देने का आदेश दिया। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर 2022 को भी इस निर्णय को बरकरार रखते हुए पात्र अभ्यर्थियों को अतिरिक्त अंक देकर मेरिट के आधार पर नियुक्ति देने का निर्देश दिया।

इसके बाद परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने 11 नवंबर 2022 से 19 जनवरी 2023 के बीच प्राप्त आवेदनों की जांच की। जांच के दौरान 2249 अभ्यर्थियों को एक अतिरिक्त अंक का पात्र माना गया, लेकिन अभ्यर्थियों का कहना है कि इसके बावजूद नियुक्ति प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो सकी है।

आरक्षण नियमों के पालन की मांग तेज

धरना दे रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पिछले लगभग छह वर्षों से आरक्षण नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया। उनका दावा है कि इसी कारण आरक्षित वर्ग के बड़ी संख्या में योग्य अभ्यर्थी चयन से वंचित रह गए।

प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि बेसिक शिक्षा विभाग सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी प्रक्रिया पूरी करे, ताकि सभी पात्र अभ्यर्थियों को न्याय मिल सके।

संसद मार्च की चेतावनी

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने कहा है कि यदि जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो 20 जुलाई को संसद मार्ग तक मार्च निकालकर अपनी मांगों को और मजबूती से उठाया जाएगा। उनका कहना है कि सरकार को जल्द फैसला लेकर 69000 शिक्षक भर्ती से जुड़े सभी लंबित मामलों का समाधान करना चाहिए। 69000 शिक्षक भर्ती से जुड़े आरक्षण विवाद और एक अतिरिक्त अंक का मामला अभी भी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे में अभ्यर्थियों की नजर आगामी सुनवाई और सरकार की कार्रवाई पर बनी हुई है। प्रदर्शनकारी जल्द समाधान और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की मांग कर रहे हैं।

 

Leave a Comment