शिक्षकों और शिक्षामित्रों के लिए बड़ी खबर! पहले से आयुष्मान कार्ड है तो नहीं मिलेगा दोहरा लाभ, जानें पूरा नियम 

शिक्षकों और शिक्षामित्रों के लिए बड़ी खबर! पहले से आयुष्मान कार्ड है तो नहीं मिलेगा दोहरा लाभ, जानें पूरा नियम 

Bijnor News: उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। खास तौर पर उन कर्मचारियों के लिए यह खबर अहम है, जिनके पास पहले से आयुष्मान कार्ड मौजूद है।दरअसल, कई शिक्षक और कर्मचारी इस भ्रम में हैं कि नई कैशलेस मेडिकल सुविधा का लाभ लेने के लिए उन्हें अपना पुराना आयुष्मान कार्ड रद्द करवाना होगा। अधिकारियों ने इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि पहले से बने आयुष्मान कार्ड को कैंसिल कराने की कोई आवश्यकता नहीं है।

पहले से बने आयुष्मान कार्ड नहीं होंगे कैंसिल

आयुष्मान भारत योजना की जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ. नताशा सिंह ने शासन के निर्देशों का हवाला देते हुए बताया कि कार्यालय में कई ऐसे शिक्षक और कर्मचारी पहुंच रहे हैं, जो नई व्यवस्था के कारण अपने पुराने आयुष्मान कार्ड को रद्द करवाना चाहते हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन के निर्देशों के अनुसार पहले से बने आयुष्मान कार्ड कैंसिल नहीं किए जाएंगे। इसलिए शिक्षक और कर्मचारी किसी तरह के भ्रम में आकर कार्ड रद्द कराने के लिए विभागीय कार्यालयों के चक्कर न लगाएं।

किन कर्मचारियों को मिलेगी कैशलेस चिकित्सा सुविधा?

शासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों के साथ-साथ मान्यता प्राप्त सहायता प्राप्त और स्ववित्तपोषित विद्यालयों से जुड़े पात्र कर्मचारियों और उनके आश्रितों को कैशलेस उपचार की सुविधा दिए जाने की व्यवस्था की गई है।

इसमें प्रमुख रूप से—

  • बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक
  • शिक्षामित्र
  • अनुदेशक
  • कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की वार्डन
  • पूर्णकालिक शिक्षक
  • पीएम पोषण योजना से जुड़े रसोइया

जैसे पात्र कर्मचारी शामिल हैं।

सबसे जरूरी नियम: दोहरा लाभ नहीं मिलेगा

शासनादेश में इस व्यवस्था को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रावधान किया गया है। जो कर्मचारी पहले से केंद्र या राज्य सरकार की किसी अन्य स्वास्थ्य योजना का लाभ ले रहे हैं, उन्हें नई योजना के तहत दोहरा चिकित्सा लाभ नहीं दिया जाएगा।

इसमें प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान जैसी स्वास्थ्य योजनाएं भी शामिल हैं।

यानी यदि किसी शिक्षक या कर्मचारी को पहले से किसी सरकारी स्वास्थ्य योजना के तहत उपचार की सुविधा मिल रही है, तो केवल नई योजना में शामिल होने के लिए पुराने स्वास्थ्य लाभ को समाप्त करने की जरूरत नहीं है।

सरकारी और संबद्ध अस्पतालों में मिलेगा इलाज

नई कैशलेस चिकित्सा व्यवस्था के तहत पात्र लाभार्थियों को निर्धारित नियमों के अनुसार सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ योजना से संबद्ध निजी अस्पतालों में भी कैशलेस उपचार की सुविधा मिल सकती है। उपचार की सुविधा और अस्पतालों की सूची संबंधित स्वास्थ्य व्यवस्था के निर्धारित नियमों के अनुसार होगी।

शिक्षकों के लिए जरूरी अपील

अधिकारियों ने शिक्षकों और कर्मचारियों से अपील की है कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैल रही अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें। यदि किसी कर्मचारी के पास पहले से आयुष्मान कार्ड है, तो उसे केवल नई कैशलेस मेडिकल सुविधा के भ्रम में आकर कैंसिल कराने की जरूरत नहीं है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पहले से किसी सरकारी स्वास्थ्य योजना से जुड़े लाभार्थी को नई व्यवस्था के तहत डबल यानी दोहरा लाभ नहीं मिलेगा। इसलिए कार्ड कैंसिल कराने के बजाय शासनादेश में दिए गए नियमों के अनुसार अपनी पात्रता और उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधा की जानकारी लेना अधिक उचित है।

निष्कर्ष: पहले से आयुष्मान कार्ड रखने वाले शिक्षक, शिक्षामित्र और अन्य पात्र कर्मचारी अपने कार्ड को सुरक्षित रखें। नई कैशलेस मेडिकल व्यवस्था को लेकर किसी तरह का भ्रम होने पर संबंधित विभाग या अधिकृत अधिकारी से जानकारी प्राप्त करें।

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