ई-रिक्शा की टक्कर से 6 वर्षीय छात्रा की मौत, BSA ने प्रभारी प्रधानाध्यापिका को किया निलंबित
सुल्तानपुर जिले के कोतवाली देहात क्षेत्र में स्थित कंपोजिट विद्यालय पखरौली के बाहर मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। स्कूल की कक्षा-1 में पढ़ने वाली 6 वर्षीय छात्रा की ई-रिक्शा की टक्कर से मौत हो गई। घटना के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रभारी प्रधानाध्यापिका को निलंबित कर दिया है। साथ ही पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
हादसा कैसे हुआ?
जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह करीब 11:15 बजे कक्षा-1 की छात्रा अश्विनी प्रजापति, पुत्री दिनेश प्रजापति, किसी तरह विद्यालय परिसर से बाहर निकल गई। उसी समय स्कूल के मुख्य गेट के सामने से सामान लेकर गुजर रहे एक ई-रिक्शा की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गई।
हादसे के तुरंत बाद विद्यालय के शिक्षक छात्रा को राजकीय मेडिकल कॉलेज, सुल्तानपुर लेकर पहुंचे, लेकिन वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बताया कि अश्विनी का विद्यालय में केवल चार दिन पहले ही प्रवेश कराया गया था। घटना के बाद ई-रिक्शा चालक वाहन मौके पर छोड़कर फरार हो गया।
बीएसए ने किया निरीक्षण, प्रधानाध्यापिका निलंबित
घटना की जानकारी मिलने पर बीएसए उपेंद्र गुप्ता स्वयं विद्यालय पहुंचे और पूरे मामले का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में लापरवाही सामने आने पर प्रभारी प्रधानाध्यापिका कविता कनौजिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
निलंबन के साथ उन्हें बीईओ बल्दीराय कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
दो अधिकारियों को सौंपी गई जांच
बीएसए ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच के लिए बीईओ बल्दीराय को जांच अधिकारी बनाया गया है। वहीं विद्यालय के अन्य शिक्षकों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जिम्मेदारी बीईओ कूड़वार को दी गई है।
इसके अलावा बीईओ भदैया को फरार ई-रिक्शा चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था की भी होगी जांच
शिक्षा विभाग इस बात की भी जांच कर रहा है कि विद्यालय समय के दौरान छात्रा परिसर से बाहर कैसे पहुंची। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।
विद्यालय की स्थिति
कंपोजिट विद्यालय पखरौली में प्राथमिक और जूनियर स्तर की कुल 8 कक्षाएं संचालित हैं। इसके अलावा यहां 4 आंगनबाड़ी केंद्र भी चल रहे हैं। विद्यालय में लगभग 170 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जबकि 16 शिक्षक कार्यरत हैं। इस दुखद घटना के बाद शिक्षा विभाग ने तत्काल प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए जांच शुरू कर दी है। अब विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में विद्यालयों में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।