सोना 3 महीने के उच्च स्तर पर, चांदी ₹10 हजार महंगी; कमजोर डॉलर से बढ़ी चमक

सोना 3 महीने के उच्च स्तर पर, चांदी ₹10 हजार महंगी; कमजोर डॉलर से बढ़ी चमक

नई दिल्ली। सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर तेज उछाल देखने को मिला है। कमजोर अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट के कारण निवेशकों का रुझान कीमती धातुओं की तरफ बढ़ा है। इसी वजह से सोना करीब तीन महीने के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है, जबकि चांदी के भाव में एक ही दिन में करीब ₹10,000 प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमत 4,500 डॉलर प्रति औंस के ऊपर बनी हुई है। बाजार विशेषज्ञों की नजर अब अमेरिकी बॉन्ड बाजार, डॉलर और ब्याज दरों से जुड़े संकेतों पर है।

सोना ₹1,62,300 प्रति 10 ग्राम तक पहुंचा

घरेलू बाजार में सोने की कीमत में अच्छी तेजी देखने को मिली। रिपोर्ट के अनुसार, एमसीएक्स पर सोना करीब ₹1,58,000 प्रति 10 ग्राम के स्तर तक पहुंचा। वहीं, दिल्ली के सराफा बाजार में 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना ₹4,300 की तेजी के साथ ₹1,62,300 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इसमें सभी कर शामिल हैं। यह सोने का करीब तीन महीने का सबसे ऊंचा स्तर बताया जा रहा है। इससे पहले बुधवार को सोना ₹1,58,000 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। वहीं, 26 मई को सोने का भाव ₹1,62,400 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया था।

चांदी के भाव में ₹10,000 का उछाल

सोने के साथ चांदी की कीमतों में भी जोरदार तेजी देखने को मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, चांदी ₹10,000 प्रति किलोग्राम महंगी होकर ₹2,35,000 प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई। बाजार में चांदी की कीमतों को लेकर भी तेजी का अनुमान लगाया जा रहा है। एमसीएक्स पर नजदीकी अवधि में चांदी का भाव ₹2,42,000 से बढ़कर ₹2,50,000 प्रति किलोग्राम तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।

सोने और चांदी के लिए ये स्तर महत्वपूर्ण

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, एमसीएक्स पर सोने के लिए ₹1,58,500 से ₹1,59,700 के बीच का स्तर महत्वपूर्ण रह सकता है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के लिए 4,550 से 4,600 डॉलर प्रति औंस का स्तर अहम माना जा रहा है। यदि कीमत इस दायरे की तरफ बढ़ती है तो बाजार में आगे भी तेजी देखने को मिल सकती है।

अमेरिकी बॉन्ड बायबैक से मिला सोने को सहारा

सोने की कीमतों में तेजी के पीछे अमेरिकी बॉन्ड बाजार में आए बदलाव को भी एक बड़ी वजह माना जा रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी की ओर से लंबी अवधि के बॉन्ड की बायबैक बढ़ाने के संकेत मिले हैं। इसके चलते अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी आई है। आमतौर पर बॉन्ड यील्ड कम होने पर ऐसे निवेश विकल्पों की मांग बढ़ सकती है, जिनसे नियमित ब्याज नहीं मिलता। सोना भी इसी श्रेणी में आता है।

कमजोर डॉलर से भी बढ़ी सोने की मांग

अमेरिकी डॉलर में कमजोरी का असर भी सोने की कीमतों पर दिखाई दे रहा है। डॉलर कमजोर होने पर दूसरी मुद्राओं में निवेश करने वाले लोगों के लिए डॉलर में कीमत वाला सोना अपेक्षाकृत सस्ता हो जाता है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग को समर्थन मिल सकता है और कीमतों में तेजी देखने को मिल सकती है।

क्या आगे भी जारी रहेगी सोने-चांदी की तेजी?

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की दिशा कई महत्वपूर्ण कारकों पर निर्भर करेगी। इनमें अमेरिकी डॉलर की चाल, बॉन्ड यील्ड, ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां प्रमुख हैं। 21 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड करीब 4,514 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर रहा। सप्ताह के दौरान सोने में लगभग 3.2 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। वहीं, चांदी करीब 68 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर बनी रही। हालांकि, तेज बढ़त के बाद बाजार में मुनाफावसूली भी देखने को मिल सकती है। इसलिए निवेशकों को केवल तेजी देखकर फैसला लेने के बजाय डॉलर, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और वैश्विक बाजार के संकेतों पर नजर रखना जरूरी होगा।

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