परिषदीय विद्यालयों का समय पूर्व की भांति प्रातः 8 से दोपहर 1 बजे तक करने के संबंध में
लखनऊ, 15 जुलाई 2026: उत्तर प्रदेश विधान परिषद सदस्य (MLC) आशुतोष सिन्हा ने बेसिक शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र भेजकर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों के संचालन समय को पहले की तरह निर्धारित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय-सारिणी के कारण छोटे बच्चों, महिला शिक्षकों, दूरदराज से आने वाले शिक्षकों तथा अभिभावकों को कई व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
पत्र में बताया गया है कि कोविड-19 महामारी के दौरान विशेष परिस्थितियों को देखते हुए विद्यालयों के संचालन समय में बदलाव किया गया था। लेकिन अब परिस्थितियां सामान्य हो चुकी हैं। ऐसे में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (NEP-2020), विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, शिक्षकों की कार्यक्षमता तथा प्रदेश की जलवायु परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विद्यालयों के समय की दोबारा समीक्षा किए जाने की आवश्यकता है।
पुराने समय के अनुसार संचालन की मांग
एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने अपने पत्र में प्रदेश के कक्षा 1 से 8 तक संचालित परिषदीय विद्यालयों का समय पहले की तरह निर्धारित करने का अनुरोध किया है। उन्होंने सुझाव दिया है कि—
- ग्रीष्मकाल में विद्यालय का संचालन सुबह 8:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक किया जाए।
- शीतकाल में विद्यालय का संचालन सुबह 9:00 बजे से अपराह्न 2:00 बजे तक किया जाए।
छात्रों और शिक्षकों को मिलेगा लाभ
पत्र में कहा गया है कि यदि विद्यालयों का संचालन समय पूर्व की भांति निर्धारित किया जाता है तो विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति बढ़ेगी, शिक्षण-अधिगम की गुणवत्ता में सुधार होगा तथा महिला शिक्षकों और दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले शिक्षकों को सुविधा मिलेगी। साथ ही अभिभावकों की अपेक्षाओं के अनुरूप विद्यालयों का संचालन अधिक सुचारु रूप से हो सकेगा।
जनहित और छात्रहित में निर्णय लेने का अनुरोध
एमएलसी ने प्रमुख सचिव से अनुरोध किया है कि जनहित और छात्रहित को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाए तथा परिषदीय विद्यालयों के संचालन समय को पूर्व की भांति निर्धारित करने के लिए आवश्यक शासनादेश जारी किया जाए।
