UP Van Mahotsav 2026: यूपी में पौधरोपण का नया अभियान: 15 अगस्त को बनेगी ‘वंदे मातरम् वाटिका’, रक्षाबंधन पर भाई-बहन लगाएंगे पौधे
UP Plantation Campaign 2026: उत्तर प्रदेश में इस वर्ष पौधरोपण अभियान को जनआंदोलन बनाने के लिए वन विभाग ने एक नई थीम आधारित पहल शुरू की है। जुलाई से सितंबर 2026 तक अलग-अलग तिथियों पर अलग-अलग थीम के साथ पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें 15 अगस्त को ‘वंदे मातरम् वाटिका’ और 28 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर ‘भाई-बहन पौधरोपण’ अभियान विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
थीम आधारित पौधरोपण से बढ़ेगी जनभागीदारी
वन विभाग का उद्देश्य पौधरोपण को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रखकर इसे जनभागीदारी का अभियान बनाना है। इसी उद्देश्य से विभिन्न सामाजिक, पर्यावरणीय और सांस्कृतिक विषयों को जोड़ते हुए पौधरोपण की विशेष थीम तय की गई हैं।
जुलाई से सितंबर तक चलेगा विशेष अभियान
वन विभाग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार अलग-अलग तिथियों पर निम्नलिखित थीम के साथ पौधरोपण किया जाएगा—
| तिथि | अभियान |
| 18 जुलाई | समृद्ध वन |
| 21 जुलाई | कृषि वन |
| 23 जुलाई | ऊर्जा वन |
| 27 जुलाई | समरस वन |
| 15 अगस्त | वंदे मातरम् वाटिका |
| 28 अगस्त | भाई-बहन पौधरोपण |
| 5 सितंबर | एक पेड़ गुरु के नाम |
किस दिन क्या होगा?
18 जुलाई – समृद्ध वन
आर्थिक और पर्यावरणीय दृष्टि से उपयोगी प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे।
21 जुलाई – कृषि वन
कृषि और बागवानी को बढ़ावा देने वाले पौधों का रोपण किया जाएगा।
23 जुलाई – ऊर्जा वन
जैव ऊर्जा और ईंधन के लिए उपयोगी वृक्ष प्रजातियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
27 जुलाई – समरस वन
सामाजिक एकता, सामुदायिक भागीदारी और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के उद्देश्य से पौधरोपण होगा।
15 अगस्त – वंदे मातरम् वाटिका
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘वंदे मातरम् वाटिका’ की स्थापना की जाएगी, जहां विशेष पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित होगा।
28 अगस्त – भाई-बहन पौधरोपण
रक्षाबंधन पर्व पर भाई-बहन मिलकर पौधे लगाएंगे और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेंगे।
5 सितंबर – एक पेड़ गुरु के नाम
शिक्षक दिवस पर ‘एक पेड़ गुरु के नाम’ अभियान के तहत गुरुजनों के सम्मान में पौधरोपण किया जाएगा।
पर्यावरण संरक्षण के साथ सामाजिक संदेश
वन विभाग का मानना है कि विभिन्न पर्वों और सामाजिक अवसरों को पौधरोपण से जोड़ने से अधिक से अधिक लोग इस अभियान का हिस्सा बनेंगे। इससे न केवल हरियाली बढ़ेगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज में जागरूकता भी मजबूत होगी।
नोट: कार्यक्रमों की तिथियों और स्थानीय आयोजन से संबंधित अंतिम जानकारी संबंधित जिला प्रशासन एवं वन विभाग द्वारा जारी आधिकारिक निर्देशों के अनुसार होगी।