शिक्षकों एवं शिक्षामित्रों तथा अनुदेशकों को लेकर बीएसए साहब की तरफ से बहुत ही शानदार आदेश

शिक्षकों एवं शिक्षामित्रों तथा अनुदेशकों को लेकर बीएसए साहब की तरफ से बहुत ही शानदार आदेश

हाथरस, 17 अगस्त 2026। जनपद हाथरस में शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और विभागीय कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने समयपालन के साथ सुरक्षित आवागमन को प्राथमिकता देने की अपील की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि विद्यालय या कार्यालय पहुंचने में कुछ मिनट की देरी होने की स्थिति में केवल विलंब के आधार पर कठोर कार्रवाई न की जाए, बल्कि देरी के वास्तविक कारण और परिस्थितियों को भी समझा जाए।

यह अपील कार्यालय, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जनपद-हाथरस की ओर से पत्रांक 8374-78/2026-27, दिनांक 15 अगस्त 2026 के माध्यम से जारी की गई है। पत्र का विषय “समयपालन के साथ सुरक्षित आवागमन—समस्त शिक्षक/शिक्षिकाओं एवं कार्मिकों से अपील” रखा गया है।

स्वतंत्रता दिवस पर समय से पहले स्कूल पहुंचने की कोशिश

जारी पत्र में कहा गया है कि 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण और अन्य कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक एवं विभागीय कर्मचारी अपने विद्यालय में निर्धारित समय से पहले अथवा समय पर पहुंचने का प्रयास करते हैं।

समयपालन शासकीय दायित्वों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। विद्यालयों में शिक्षण कार्य तथा दूसरी विभागीय गतिविधियों के सुचारू संचालन के लिए इसका विशेष महत्व है। इसके साथ ही आवागमन के दौरान सुरक्षा संबंधी बातों का ध्यान रखना भी आवश्यक है।

जल्दबाजी के कारण बढ़ सकती है दुर्घटना की आशंका

पत्र में कहा गया है कि कभी-कभी किसी शिक्षक, शिक्षिका अथवा कर्मचारी को विद्यालय पहुंचने में कुछ विलंब होने की संभावना होती है। ऐसी स्थिति में समय पर पहुंचने की चिंता के कारण आवागमन के दौरान अनावश्यक जल्दबाजी की जाती है।

जनपद में अनेक शिक्षक और कर्मचारी दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित विद्यालयों तक दोपहिया वाहनों तथा किराये के वाहनों से पहुंचते हैं। ऐसी स्थिति में जल्दबाजी के कारण सड़क दुर्घटना होने की संभावना बढ़ जाती है।

विभाग ने यह भी कहा है कि पूर्व में आवागमन के दौरान कई अप्रिय घटनाएं सामने आई हैं, जिनसे संबंधित परिवार, विद्यालय और पूरा विभाग प्रभावित होता है।

10-20 मिनट की देरी पर वास्तविक कारण जानने की अपील

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जनपद के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों एवं कर्मचारियों से विशेष अपील की है कि किसी अपरिहार्य, आकस्मिक अथवा विशेष कारण से विद्यालय/कार्यालय पहुंचने में 10 से 20 मिनट की देरी हो जाए तो घबराकर या जोखिम उठाकर वाहन न चलाएं।

इसके साथ ही निरीक्षण करने वाले अधिकारियों से भी कहा गया है कि ऐसे मामलों में केवल विलंब के समय को आधार बनाकर किसी कार्मिक के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई न की जाए।

कार्रवाई से पहले विलंब के वास्तविक कारण और परिस्थितियों का यथोचित परीक्षण किया जाए। विभागीय एवं जनपद के अन्य निरीक्षणकर्ता अधिकारियों से भी इस विषय पर मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपेक्षा की गई है।

शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए 4 महत्वपूर्ण निर्देश

जारी पत्र में सुरक्षित आवागमन के लिए चार प्रमुख बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है—

  1. पर्याप्त समय लेकर घर से निकलें: विद्यालय अथवा कार्यालय पहुंचने के लिए अपने निवास स्थान से पर्याप्त समय लेकर प्रस्थान करें।
  2. देरी की आशंका में तेज वाहन न चलाएं: विद्यालय पहुंचने में विलंब होने की संभावना हो तो वाहन की गति बढ़ाकर अथवा जोखिम उठाकर समय की भरपाई करने का प्रयास न करें।
  3. हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग करें: किसी आकस्मिक अथवा विशेष परिस्थिति के कारण कुछ मिनट की देरी होने पर अनावश्यक भय या दबाव में वाहन न चलाएं। वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें।
  4. आपात स्थिति में संबंधित अधिकारी को जानकारी दें: किसी विशेष परिस्थिति में सुरक्षित रूप से विद्यालय पहुंचने को प्राथमिकता दें। विद्यालय पहुंचने के बाद विलंब का कारण संबंधित अधिकारी अथवा प्रधानाध्यापक को बताएं।

“समय पर पहुंचना आवश्यक है, लेकिन सुरक्षित पहुंचना उससे भी अधिक आवश्यक”

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने पत्र में कहा है कि विभाग की सबसे महत्वपूर्ण जनशक्ति शिक्षक और कर्मचारी हैं। उनकी सुरक्षित उपस्थिति विद्यार्थियों, विद्यालय, परिवार और विभाग सभी के लिए महत्वपूर्ण है।

पत्र में विशेष संदेश दिया गया है—

“समय पर पहुंचना आवश्यक है, लेकिन सुरक्षित पहुंचना उससे भी अधिक आवश्यक है।”

अधिकारियों ने शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और कर्मचारियों से समय की पाबंदी के साथ-साथ अपने जीवन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की है। कुछ मिनट की देरी हो जाना क्षम्य हो सकता है, लेकिन जल्दबाजी में हुई किसी अप्रिय घटना की क्षति की भरपाई नहीं की जा सकती।

किन अधिकारियों को भेजी गई पत्र की प्रतिलिपि?

पत्र की प्रतिलिपि सूचना एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है। इनमें जिलाधिकारी हाथरस, मुख्य विकास अधिकारी हाथरस, जनपदीय निरीक्षणकर्ता अधिकारी, समस्त खंड शिक्षा अधिकारी जनपद हाथरस तथा जनपद के समस्त प्रधानाध्यापक/शिक्षक/शिक्षणेत्तर कर्मचारी/शिक्षामित्र/अनुदेशक शामिल हैं।

यह आदेश/अपील जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, हाथरस रणवीर सिंह की ओर से जारी की गई है।

खबर का सार

हाथरस बेसिक शिक्षा विभाग ने साफ संदेश दिया है कि समयपालन जरूरी है, लेकिन इसके लिए सड़क पर जान जोखिम में डालना उचित नहीं है। अपरिहार्य परिस्थितियों में 10-20 मिनट की देरी होने पर वास्तविक कारण और परिस्थितियों को देखते हुए निर्णय लेने तथा शिक्षकों-कर्मचारियों को सुरक्षित तरीके से विद्यालय पहुंचने को प्राथमिकता देने की अपील की गई है।

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