ITR Filing 2026 : फ्रीलांस कमाई पर कैसे लगता है टैक्स, कौन से खर्च कर सकते हैं क्लेम? पढ़िए सूचना
अगर आपने नौकरी job छोड़कर फ्रीलांसिंग शुरू कर दी है, तो इस बार आयकर रिटर्न (ITR) भरते समय कुछ नियम आपके लिए बदल जाएंगे। अपना पैसा के टैक्स Tax कंसल्टेंट व टैक्स एक्सपर्ट export बलवंत जैन के मुताबिक सबसे बड़ा फर्क यह है कि अब आपकी कमाई को वेतन (Salary) नहीं बल्कि व्यवसाय या पेशे से आय माना जाएगा।ऐसे में स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा नहीं मिलेगा, लेकिन अच्छी बात यह है कि काम से जुड़े कई खर्चों को टैक्स Tax से पहले घटाया जा सकता है।
फ्रीलांसर की कमाई पर कैसे लगता है टैक्स?
जैन के मुताबिक सैलरी salary पाने वालों की आय पर वेतन vetan के तहत टैक्स Tax लगता है, जबकि फ्रीलांसर की कमाई व्यवसाय या पेशे से आय के तहत टैक्स Tax के दायरे में आती है। यानी आपकी कुल कमाई में से काम से जुड़े वैध खर्च घटाने के बाद बची राशि पर टैक्स Tax लगाया जाता है।
क्या फ्रीलांसर को स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलता है?
इस सवाल questions के जवाब में जैन बताते हैं कि स्टैंडर्ड डिडक्शन केवल वेतनभोगी कर्मचारियों karmchariyon के लिए उपलब्ध है। यानी फ्रीलांसर इस सुविधा का लाभ नहीं ले सकते। हालांकि, फ्रीलांसर freelancer अपने काम के लिए किए गए वास्तविक खर्चों को टैक्स योग्य आय से घटा सकते हैं।
कौन-कौन से खर्च क्लेम किए जा सकते हैं?
अगर खर्च सीधे आपके फ्रीलांस freelance काम से जुड़ा है तो उसे क्लेम किया जा सकता है। जैन के मुताबिक इंटरनेट internet बिल, मोबाइल बिल, प्रिंटिंग और स्टेशनरी का खर्च, यात्रा या स्थानीय आने-जाने का खर्च, कंप्यूटर और प्रिंटर printer की मरम्मत, कंप्यूटर, लैपटॉप या प्रिंटर printer पर मूल्यह्रास (Depreciation) और
घर से काम करने पर किराए और बिजली के खर्च का सीमित हिस्सा टैक्स Tax छूट के लिए क्लेम claim किया जा सकता है। यहां ध्यान रखना होगा कि व्यक्तिगत खर्चों को व्यवसायिक खर्च बताकर क्लेम नहीं किया जा सकता।