शिक्षामित्रों की होगी 62 वर्ष की सेवा?? MLC ने प्रमुख सचिव को लिखा लैटर
उत्तर प्रदेश में शिक्षामित्रों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ती नजर आ रही है। विधान परिषद में सदस्य इंजी. अवनीश कुमार सिंह ने नियम-111 के अंतर्गत सूचना देते हुए सरकार का ध्यान इस महत्वपूर्ण विषय की ओर आकर्षित किया है। उन्होंने शिक्षामित्रों की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष करने तथा आयुष्मान भारत योजना के दायरे में 60 से 70 वर्ष आयु वर्ग के शिक्षामित्रों को भी शामिल करने की मांग की है।
सरकार के फैसले का किया स्वागत
विधान परिषद सदस्य ने अपने पत्र में कहा कि राज्य सरकार द्वारा शिक्षामित्रों को आयुष्मान स्वास्थ्य लाभ योजना का लाभ देने का निर्णय सराहनीय है। इससे शिक्षामित्रों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा का महत्वपूर्ण कवच मिला है। उन्होंने इसके लिए सरकार का आभार भी व्यक्त किया।
सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने की मांग
पत्र में कहा गया है कि वर्तमान में शिक्षामित्रों की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष निर्धारित है, जबकि प्रदेश के नियमित शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष है। समान प्रकृति के दायित्वों और लंबे सेवाकाल को देखते हुए शिक्षामित्रों की सेवानिवृत्ति आयु भी बढ़ाकर 62 वर्ष किए जाने की मांग की गई है।
आयुष्मान योजना के दायरे का विस्तार करने का सुझाव
विधान परिषद सदस्य ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना के तहत 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ दिया जा रहा है। ऐसे में 60 से 70 वर्ष आयु वर्ग के शिक्षामित्रों को भी आयुष्मान कार्ड योजना का लाभ देने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।
सरकार से शीघ्र निर्णय की अपील
पत्र के अंत में इस विषय को लोकमहत्व का बताते हुए सरकार से अविलंब विचार कर उचित समाधान निकालने और सदन में इस पर वक्तव्य देने की मांग की गई है।
नोट: यह जानकारी विधान परिषद सदस्य द्वारा नियम-111 के अंतर्गत प्रस्तुत सूचना पर आधारित है। फिलहाल यह एक मांग/प्रस्ताव है। सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक निर्णय या आदेश जारी नहीं किया गया है।